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Friday, December 19, 2025

Bharat Taxi is bringing a new revolution to road transportation

Friday, December 18, 2025 at 21:18 Regarding Bharat Taxi

Women will have the option to choose a female driver

Images courtesy of Bharat Taxi App
Mohali: December18, 2025: (Media Link Team//Hindustan Screen//हिंदुस्तान स्क्रीन Desk)::

People who relied on taxis or cabs for transportation were frustrated. Cab drivers would arrive late at their own discretion and demand more than the agreed-upon fare. They would double the amount or even demand more. People were troubled. The situation worsened during the rainy season.

For those who were frustrated from cab service, good news has arrived for the new year. This good news is related to the launch of Bharat Taxi. It will likely be officially launched on January 1st. This new taxi service is a government-backed, cooperative-operated ride-hailing platform, being launched in collaboration with cooperative institutions (NCDC, IFFCO, AMUL, etc.) and NeGD (Digital India) as an alternative to Ola and Uber. Its aim is to empower drivers, provide affordable service with transparent fares and zero surge pricing, and it is expected to launch in Delhi from January 2026.

Its main features have entered the market with attractive offers. People are enthusiastic and happy about it. They feel a great sense of relief since its announcement. They feel their concerns have been heard.

Most importantly, it is a cooperative model. This platform makes drivers owners, allowing them to receive more than 80% of the fare, providing them with financial stability. They feel that this income belongs to them and not to anyone else.

This new taxi service will offer transparent and affordable fares. There will be no surge pricing, ensuring fair and predictable rates for passengers. People will not feel cheated.

Furthermore, there will be digital integration. It will be integrated with national digital platforms like DigiLocker and UMANG. This will also increase trust among the general public. Currently, people remain apprehensive until they reach their destination.

The new features introduced by Bharat Taxi will also benefit drivers, as this new system is driver-centric. Both the passenger and the driver are taken care of. This system offers drivers the option of better income. It also includes additional benefits. These new features will mean a better life than before. These benefits include provisions for medical assistance and education. This will give drivers a new lease on life, and their families will also experience improved living conditions. They will see and feel the progress.

This new taxi system, launched under the name Bharat Taxi, will also have government support. Large cooperative institutions like NCDC, IFFCO, AMUL, KRIBHCO, NAFED, NABARD, NDDB, and NCEL are promoting it, and NeGD is providing technical support. Its arrival will transform taxi services. People will get a new experience.

The objective is also to create a global standard. To provide a citizen-centric, cooperative alternative to global ride-hailing companies. Its arrival will bring about many new and pleasant experiences for people. After this service is implemented, you will see a new glow on people's faces.

Everyone will feel that realizing the vision of Digital India has become simpler and easier. The time for its launch and progress is constantly approaching. You will soon see a new revolution on the country's roads. Bharat Taxi is bringing about a new change.

Wednesday, October 8, 2025

“राष्ट्रीय श्रम एवं रोजगार नीति-श्रम शक्ति नीति 2025”

 प्रविष्टि तिथि: 08 OCT 2025 at 4:34 PM by PIB Delhi

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने मसौदे पर जनता से प्रतिक्रिया आमंत्रित की


नई दिल्ली
: 9 अक्टूबर 2025: (पीआईबी दिल्ली / /हिंदुस्तान स्क्रीन डेस्क )::

मज़दूरों और वर्करों को लेकर अक्सर सभी सरकारें आवश्यक प्रावधान भी लाती ही हैं। वर्करों को पूरी सुरक्षा और अच्छे वेतन के साथ उनको सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी मिलें। काम के लिए अच्छे वेतन और अच्छे माहौल की मांग भी बनती ही है। इसी तरह के हालात में ही चले थे शिकागो के संघर्ष। मई का प्रथम सप्ताह बहुत कुर्बानी वाला बन गया था। इसी संघर्ष से लाल झंडा बहुत बुलंद हो कर सामने आया था। अब कई बरसों से मज़दूर असंतुष्ट हैं। अब देखना है की क्या नई शर्म नीति उन्हें संतुष्ट कर पाएगी? काया नई शर्म नीति-2025 उन्हें बेहतर वेतन और बेहतर सुविधाएं दे पाएगी? फिलहाल सरकार ने सभी से इस मसौदे पर  सभी से उनके सुझाव और विचार भी मांगें हैं। देखते हैं इक नज़र कि क्या है इस मसौदे में? सरकार क्या क्या ला रही है मज़दूरों के लिए इस नई श्रम नीति 2025 के अंतर्गत? 

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय श्रम एवं रोजगार नीति - श्रम शक्ति नीति 2025 का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया है। यह मसौदा नीति, विकासशील भारत @2047 की राष्ट्रीय आकांक्षा के अनुरूप एक निष्पक्ष समावेशी और भविष्योन्मुख कार्य-विश्व के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।

श्रम धर्म-काम की गरिमा और नैतिक मूल्य की भारतीय सभ्यतागत भावना पर आधारित यह नीति एक ऐसे श्रम संस्कृति की परिकल्पना करती है जो प्रत्येक श्रमिक के लिए सुरक्षा, उत्पादकता और भागीदारी सुनिश्चित करे। इसका उद्देश्य एक संतुलित ढांचा तैयार करती है जो श्रमिकों के हितों को बढ़ावा देते हुए उद्यमों को विकसित होने और स्थायी आजीविका उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है।

श्रम शक्ति नीति 2025 श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (एमओएलई) को एक सक्रिय रोजगार सुविधा प्रदाता के रूप में स्थापित करेगी जो विश्वसनीय, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रणालियों के माध्यम से श्रमिकों, नियोक्ताओं और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय को बढ़ावा देगा। राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) प्लेटफॉर्म, रोजगार के लिए भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में कार्य करेगा, जिससे पारदर्शी और समावेशी नौकरी अवसर, प्रमाणपत्र सत्यापन और कौशल संरेखण संभव होगा। ओपन एपीआई, बहुभाषी पहुंच और एआई-संचालित नवाचार के माध्यम से, एनसीएस-डीपीआई, टियर-2 और टियर-3 शहरों, ग्रामीण जिलों और एमएसएमई समूहों में प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करेगा जिससे रोजगार सुविधा एक राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक सुविधा बन जाएगी।

यह नीति सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य, महिला एवं युवा सशक्तिकरण तथा हरित एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम रोजगार सृजन पर भी जोर देती है। इसका उद्देश्य एक लचीला और निरंतर कुशल कार्यबल का निर्माण करना है जो उभरती प्रौद्योगिकियों, जलवायु परिवर्तनों और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं की मांगों को पूरा करने में सक्षम हो। ईपीएफओ, ईएसआईसी, ई-श्रम और एनसीएस जैसे प्रमुख राष्ट्रीय डेटाबेस को एक एकीकृत श्रम स्टैक में एकीकृत करते हुए यह नीति एक समावेशी और अंतर-संचालनीय डिजिटल संस्कृति की कल्पना करती है जो आजीवन शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आय सुरक्षा का समर्थन करता है।

मसौदा नीति व्यापक हितधारक परामर्शों को प्रतिबिंबित करती है और सहकारी संघवाद, साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण और डिजिटल पारदर्शिता पर ज़ोर देती है। यह केंद्र, राज्यों, उद्योग और सामाजिक भागीदारों के बीच समन्वित कार्रवाई के लिए एक दीर्घकालिक ढांचा प्रदान करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकास के लाभ व्यापक और समान रूप से साझा किए जाएं।

राष्ट्रीय श्रम एवं रोजगार नीति-श्रम शक्ति नीति 2025 का मसौदा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, रोजगार महानिदेशालय (डीजीई) और राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) की वेबसाइटों पर उपलब्ध है। हितधारकों, संस्थानों और आम जनता से 27 अक्टूबर 2025 तक ddg-dget[at]nic[dot]in पर अपनी प्रतिक्रिया, टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित है।

मसौदा नीति का विवरण नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है:

https://labour.gov.in/sites/default/files/draft_-_mole_le_policy_-_v1.0.pdf

***//पीके/केसी/पीसी/एसके//(रिलीज़ आईडी: 2176401)

Tuesday, July 29, 2025

चार देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए

 राष्ट्रपति सचिवालय//प्रविष्टि तिथि: 29 JUL 2025 2:05 PM by PIB Delhi

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न राजदूतों/उच्चायुक्तों के परिचय पत्र स्वीकार किए

नई दिल्ली: 29 जुलाई 2025: (पीआईबी/ /अंतराष्ट्रीय स्क्रीन डेस्क)::

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज (29 जुलाई, 2025) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में डोमिनिकन गणराज्य, तिमोर-लेस्ते, श्रीलंका और गैबोनीज़ गणराज्य के राजदूतों/उच्चायुक्तों के परिचय पत्र स्वीकार किए। परिचय पत्र प्रस्तुत करने वालों में शामिल थे:

1. डोमिनिकन गणराज्य के राजदूत श्री फ्रांसिस्को मैनुएल कोम्प्रेस हर्नान्डेज़

2. तिमोर-लेस्ते के राजदूत श्री कार्लिटो नून्स

3. श्रीलंका की उच्चायुक्त सुश्री प्रदीपा महिषिनी कोलोने

4. गैबोन के उच्चायुक्त श्री गाई रोड्रिग डिकाय

***

पीके/एके/केसी/एकेवी/एसके//(रिलीज़ आईडी: 2149669)

Friday, September 27, 2024

एक पेड़ माँ के नाम: 80 करोड़ पौधे रोपे गए

प्रविष्टि तिथि: 27 SEP 2024 10:58 AM by PIB Delhi

मात्र एक घंटे में 5 लाख पौधा रोपण का रिकॉर्ड!


नई दिल्ली: 27 सितंबर 2024: (पी आई बी-दिल्ली//हिंदुस्तान स्क्रीन डेस्क)::

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान की शुरुआत की थी। यह अभियान पर्यावरण के प्रति अपना दायित्व निभाने के साथ-साथ माताओं के प्रति श्रद्धा और समर्पण भाव दर्शाने की एक अनूठी पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 जून, 2024 को दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में पीपल का पौधा लगाकर इस अभियान की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री ने पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया और पिछले एक दशक में भारत के वन क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है!

'एक पेड़ माँ के नाम' एक संकेतिक भाव है – अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने का उद्देश्य जहां, जीवन को पोषित करने में माताओं की भूमिका का सम्मान करना है, वहीं अपने ग्रह को स्वस्थ बनाए रखने में अपना योगदान देना भी है। पेड़ जीवन को बनाए रखते हैं और एक माँ की तरह ही पोषण, सुरक्षा और भविष्य प्रदान करते हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के माध्यम से, कोई भी व्यक्ति एक पेड़ लगाकर अपनी माता को एक जीवंत श्रद्धांजलि और एक स्थायी स्मृति भेंट कर सकता है, इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को भी पूरा किया जा सकता है।

80 करोड़ पौधा रोपण

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सितंबर 2024 तक 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 80 करोड़ पौधे लगाने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह लक्ष्य तय समय सीमा से 5 दिन पहले यानी 25 सितंबर 2024 को ही हासिल कर लिया गया। मंत्रालय की यह उपलब्धि सरकारी एजेंसियों, स्थानीय समुदायों और विभिन्न हितधारकों के सहयोग और प्रयासों का परिणाम है।

5 लाख से ज़्यादा पौधे लगाने का विश्व रिकॉर्ड

22 सितंबर 2024 को, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत प्रादेशिक सेना की 128 इन्फैंट्री बटालियन और पारिस्थितिकी कार्य बल इकाई ने सिर्फ़ एक घंटे में 5 लाख से ज़्यादा पौधे लगाकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। ​​जैसलमेर में "विशेष पौधारोपण अभियान" के अंतर्गत यह शानदार उपलब्धि, प्रधानमंत्री के "एक पेड़ माँ के नाम" और प्रादेशिक सेना की पहल, "भागीदारी और ज़िम्मेदारी" का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिकी को यथास्थिति में बनाए रखना और स्थानीय समुदायों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रादेशिक सेना की इकाई के इन प्रयासों को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा निम्नलिखित विश्व रिकॉर्ड के साथ मान्यता दी गई :

एक घंटे में एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा पौधे।

एक घंटे में महिलाओं की एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा पौधे।

एक ही स्थान पर एक साथ सबसे अधिक संख्या में लोगों द्वारा पौधारोपण।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि वृक्षारोपण को सावधानीपूर्वक सत्यापित और प्रमाणित किया गया था और इस उपलब्धि के लिए पारिस्थितिकी कार्य बल को पुरस्कार भी दिया गया। यह वृक्षारोपण अभियान, "जो लोग पेड़ों की रक्षा करते हैं, वे संरक्षित हैं," आदर्श वाक्य का सर्वोत्तम उदाहरण है और जो भविष्य की पीढ़ियों की भलाई के लिए पर्यावरण संरक्षण के महत्व की पुष्टि भी करता है।

मंत्रालयों के सामूहिक प्रयास

प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुरूप, विभिन्न मंत्रालयों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक मंत्रालय और विभाग का इस पहल में पर्याप्त योगदान सततता, हरित आवरण वृद्धि और सार्वजनिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

रक्षा मंत्रालय ने इस अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 लाख पौधे लगाने की राष्ट्रव्यापी पहल की घोषणा की। इस प्रयास में भारतीय सशस्त्र बलों, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और अन्य संबद्ध निकायों ने एक हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए अपना महत्‍वपूर्ण सहयोग दिया।

कोयला मंत्रालय में सचिव श्री वी.एल. कांथा राव ने मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरणीय स्थिरता प्रयासों के हिस्से के रूप में मिलेनियम पार्क में एक पौधा रोपण अभियान का आयोजन किया। पिछले कुछ वर्षों में कोयला और लिग्नाइट क्षेत्र में सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा लगाए गए पौधे खनन क्षेत्रों में कार्बन के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से चलाए गए पौधा रोपण अभियान के अंतर्गत देश भर में शहरी और ग्रामीण स्थानों पर लगभग 7,000 पौधे लगाए गए हैं। अगस्त के मध्य में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य 17 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2024 तक चलने वाले 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के दौरान पौधा रोपण के प्रयासों में तेज़ी लाना है।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने अपनी मां की याद में आंवले का पौधा लगाकर इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान के महत्व का उल्लेख करते हुए श्री प्रतापराव ने कहा कि यह पहल अपनी मां और धरती माता दोनों के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करने का एक अनोखा ढंग है।  

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने हैदराबाद के राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान में आयोजित किए गए एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में भाग लिया। इसके अलावा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने अपने विभिन्न कार्यालयों और अधीनस्थ निकायों को पौधा रोपण के इस व्यापक अभियान में शामिल किया।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान के तहत नई दिल्ली के कोटा हाउस में पौधा रोपण अभियान में भाग लिया। मंत्रालय के अधिकारियों ने सरकार के पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप बड़े पैमाने पर सफाई अभियान भी चलाया।

इस अभियान से प्रेरित होकर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने श्री जयंत चौधरी के नेतृत्व में अपने संस्थानों में व्यापक पौधा रोपण गतिविधियों का आयोजन किया। प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों (पीएमकेके), राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसदीयूडी), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) और जन शिक्षण संस्थानों (जेएसएस) में 11,778 से अधिक पौधे लगाए गए। मंत्रालय के प्रयासों का उद्देश्य कौशल विकास के साथ पर्यावरण चेतना को एकीकृत करना, छात्रों, प्रशिक्षकों और स्थानीय आबादी के बीच समुदाय और स्थिरता की भावना को बढ़ावा देना था।

पेयजल और स्वच्छता विभाग तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के नेतृत्व में स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान ने सफाई और हरित आवरण वृद्धि पर जोर दिया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के हिस्से के रूप में पौधा रोपण से एक स्वच्छ और हरित भारत के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को बल मिला है। भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल, गैर-सरकारी संगठन संकलपतरु और स्थानीय समुदायों आदि सभी एजेंसियों की भागीदारी ने इस अभियान की पहुंच और प्रभाव को बढ़ावा दिया।

तकनीकी प्रोत्साहन: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ ऐप

इस पहल को बढ़ावा देने के लिए, केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ ऐप की शुरुआत की। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अपनी माताओं के सम्मान में एक पेड़ लगाने और समर्पित करने संबंधी फोटो अपलोड करने, स्थान टैगिंग और कार्बन क्रेडिट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी मां के लिए लगाए पेड़ को बढ़ता हुआ देखने के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रह सकते हैं।

ऐप का उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने में सक्षम है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता पेड़ लगाकर, उसकी फोटो सोशल मीडिया पर साझा करके अन्य लोगों को भी इस सार्थक प्रयास से जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

हरित भविष्य के लिए एक दृष्टिकोण

'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान भारत की स्थायी और पर्यावरण के प्रति जागरूक भविष्य के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पर्यावरण संरक्षण के आह्वान और माताओं के प्रति सम्मान की भावना के साथ यह पहल नागरिकों को एक हरित ग्रह बनाने में अपना योगदान देने का अवसर प्रदान करती है।

इस अभियान की सफलता पूरे देश में लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में एक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की भावना में निहित है। यह अभियान न सिर्फ प्रकृति और मातृत्व की पोषण शक्ति के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और टिकाऊ विश्व का आश्वासन भी है।

मां के नाम पे पेड़ लगाओ--हरा भरा संसार बसाओ